व्हाट्सऐप +91 95231 72920 हेल्पलाइन +91 96085 70580 परीक्षा तिथि: 29 नवंबर 2026

समुदाय के नाम एक संदेश

प्रबंधन टीम का संदेश

प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड · 2026

आदरणीय समुदाय के प्रबुद्धजन, अभिभावकगण, शिक्षकवृंद, युवा आदिवासी शोधार्थी एवं प्रिय विद्यार्थीगण,

जोहार!

अत्यंत गर्व, विनम्रता और गहरी ज़िम्मेदारी के भाव के साथ हम प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड में आप सभी का हार्दिक स्वागत करते हैं। यह एक ऐतिहासिक पहल है, जो हमारी युवा पीढ़ी के बौद्धिक सामर्थ्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अंतर्निहित प्रतिभा के संवर्धन एवं सम्मान हेतु समर्पित है।

आदिवासियत की चेतना और हमारी नींव

आदिवासियत केवल एक पहचान नहीं है; यह प्रकृति के साथ संतुलन, सामुदायिक एकजुटता, समतावादी मूल्यों और समय की कसौटी पर खरी उतरी जीवन-दृष्टि पर आधारित एक गहन जीवन दर्शन है। पीढ़ियों से हमारे पूर्वजों ने ज्ञान, दर्शन और सतत जीवन-शैली की समृद्ध परंपराओं को संजोया और आगे बढ़ाया है।

राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड की परिकल्पना एक महत्त्वपूर्ण बोध से उपजी है: हमारे युवाओं को न केवल समकालीन शिक्षा और प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहिए, बल्कि उन्हें आदिवासियत के विचार और सांस्कृतिक चेतना से भी गहराई से जुड़े रहना चाहिए। इस पहल की नींव एक ऐसा समर्पित मंच तैयार करने के लिए रखी गई, जहाँ आदिवासी विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमताओं और विश्लेषणात्मक शक्ति को पहचाना जाए, उन्हें तराशा जाए और राष्ट्रीय एवं वैश्विक पटल पर स्थापित किया जाए।

हमारे मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता

हम अपने वरिष्ठ मार्गदर्शकों के दिखाए मार्ग और अनुभव की शक्ति पर खड़े हैं। हमारे समाज के प्रबुद्ध अग्रजों के निरंतर आशीर्वाद, मार्गदर्शन और अटूट समर्थन के बिना यह दूरदर्शिता मूर्त रूप नहीं ले सकती थी। हम विशेष रूप से इन आदरणीय वरिष्ठजनों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं:

  • श्री महादेव टोप्पो (कवि / लेखक), COT Lit, सदस्य, साहित्य अकादमी
  • डॉ. अभय सागर मिंज (प्रोफ़ेसर, मानवशास्त्र), डीएसपीएमयू, रांची
  • डॉ. डियोनिस खेस (निदेशक, डिवाइन हॉस्पिटल), रांची
  • श्री निरंजन कुजूर (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, फ़िल्मकार), पूर्व छात्र, सत्यजीत रे फ़िल्म एवं टेलीविज़न संस्थान (SRFTI), कोलकाता
  • डॉ. मीनाक्षी मुंडा (प्रोफ़ेसर, मानवशास्त्र), कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा
  • प्रो. राम चंद्र उरांव (विधि प्रोफ़ेसर), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची
  • डॉ. आर.एन. भगत, पूर्व कुलपति, विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हज़ारीबाग
  • डॉ. नीलम केरकेट्टा, जशपुर (पीएचडी, जेएनयू, पर्यावरणीय स्थिरता)
  • प्रो. संजीव कुमार बिरुली, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज
  • श्री गंगा राम गागराई, भारतीय खाद्य निगम (सरकारी कर्मचारी), नई दिल्ली

हम टीम धुमकुड़िया तथा उन तमाम संरक्षकों और शुभचिंतकों के प्रति भी आभारी हैं, जिनके प्रोत्साहन ने इस पुनीत प्रयास की आधारशिला रखी। उनकी सेवा और सतत मार्गदर्शन की यह धरोहर हमारे पथ को निरंतर आलोकित करती रहेगी।

राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड की संकल्पना

राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड को तार्किक चिंतन, शैक्षणिक उत्कृष्टता, समस्या-समाधान की क्षमता और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह पहल पारंपरिक शैक्षणिक मानकों और आदिवासी संस्कृति में निहित समृद्ध बौद्धिक समझ के बीच एक सेतु का निर्माण करती है। सबसे बढ़कर, यह "आदिवासियों का, आदिवासियों द्वारा" संचालित एक स्वावलंबी अभियान है, जिसका उद्देश्य हमारी आने वाली पीढ़ी का सर्वांगीण उत्थान करना है।

आदिवासी विजडम ट्रस्ट की भूमिका

इस आंदोलन के केंद्र में आदिवासी विजडम ट्रस्ट है, एक ऐसी संस्था जो आदिवासी पहचान के पुनर्जागरण और हमारी समृद्ध पारंपरिक ज्ञान परंपराओं के पुनरुद्धार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए संकल्पित है। यह ट्रस्ट पारंपरिक आदिवासी ज्ञान को लिपिबद्ध, संरक्षित और आधुनिक शैक्षणिक संदर्भों में एकीकृत करने का कार्य कर रहा है, ताकि हमारे बच्चे अपनी जड़ों पर गर्व करते हुए निर्भीक होकर भविष्य का निर्माण कर सकें।

अभिभावकों एवं विद्यार्थियों (कक्षा 6 से 10) से अपील

हम देशभर के सभी अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के प्रबुद्ध जनों से विनम्र अपील करते हैं कि वे कक्षा 6 से 10 के हमारे प्रतिभावान विद्यार्थियों को इस अभूतपूर्व आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

हमारे प्रिय विद्यार्थियों से अपील: यह ओलंपियाड आपका अपना मंच है। यह अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने, स्वयं को तराशने और अपनी बौद्धिक क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर है। पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, क्योंकि आप हमारे भविष्य के संवाहक और हमारे समाज के सपनों के वास्तविक प्रतीक हैं।

अभी पंजीकरण करें — ₹300

आइए, हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक प्रथम संस्करण को अभूतपूर्व रूप से सफल बनाएँ।

सप्रेम अभिवादन एवं जोहार,

डॉ. विनीत भगत

प्रबंधन टीम, प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड

श्री अजय केरकेट्टा

प्रबंधन टीम, प्रथम राष्ट्रीय आदिवासी ओलंपियाड